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  • 23 Oct  Shipping Corporation of India
Shipping Corporation of India
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About SCI
भारतीय नौवहन निगम लिमिटेड (एससीआई) की स्थापना दिनांक 2 अक्तूबर 1961 को ईस्टर्न शिपिंग कॉर्पोरेशन तथा वेस्टर्न शिपिंग कॉर्पोरेशन का समामेलन कर हुई थी|
 
केवल 19 जहाजों को लेकर एक लाइनर शिपिंग कंपनी की शुरुआत हुई थी और आज एससीआई के पास कुल 4.6 मिलियन डीडब्ल्यूटी के 83 जहाज हैं.  एससीआई का शिपिंग व्यापार में 10 विविध खंडों में भी व्यापार फैला हुआ है. गत चार दशकों की यात्रा करने के बाद एससीआई ने विश्व के समुद्री नक्शे पर एक महत्वपूर्ण स्थान बना लिया है|
 
देश की एक प्रमुख कंपनी होने के नाते एससीआई, स्वामित्ववाले और भाड़े पर जहाज परिचालित करती हैं, जो भारतीय टनेज का लगभग 35 हिस्सा है, और व्यावहारिक तौर पर नौवहन व्यापार के सभी क्षेत्रों में अपना कारोबार करती है जो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ है|
 
भारतीय व्यापार की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, एससीआई ने विभिन्न क्षेत्रों में विशाखन किया है.  एससीआई आज एकमात्र शिपिंग कंपनी है, जो ब्रेक बल्क सेवा, अंतर्राष्ट्रीय कंटेनर सेवा, लिक्विड/ड्राय बल्क सेवा, तटदूर सेवा, यात्री सेवा आदि का परिचालन करती है.  इसके अतिरिक्त, विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों की ओर से बड़ी संख्या में जहाजों का जनबल एवं प्रबंध कार्य भी संभालती है|
 
एससीआई ने भारत के आयात-निर्यात व्यापार में तथा देश के लिए बहुमूल्य विदेशी मुद्रा अर्जित कर और बचाकर राष्ट्रीय मुद्रा कोष में अपना उल्लेखनीय योगदान दिया है|
 
एससीआई ने अपनी इस यात्रा के दौरान आपातकाल एवं प्रतिकूल समय में आवश्यकता पड़ने पर कच्चे तेल की निरंतर एवं निर्बाध आपूर्ति जारी रख देश की जीवनरेखा होने की अपनी भूमिका बखूबी निभाई है क्योंकि कच्चे तेल पर ही देश की अर्थव्यवस्था निर्भर करती है|
 
भारतीय अर्थव्यवस्था के उदारीकरण एवं वैश्वीकरण ने एससीआई के समक्ष विकास एवं विशाखन के कई नये अवसर उपलब्ध कराए हैं. एससीआई ने आधुनिक, युवा एवं बहुमुखी नौबेड़े तथा तट एवं जहाजों पर बड़ी संख्या में कार्यरत सुप्रशिक्षित एवं अनुभवी कर्मियों की सहायता से स्वयं को इन अवसरों का लाभ उठाने के अनुकूल बना लिया है|
 
एससीआई भारत सरकार का एक लाभकारी वाणिज्यिक उद्यम है,नौवहन उद्योग में छाई वैश्विक मंदी का अल्प अवधि को छोड़कर एससीआई ने अपनी स्थापना से लेकर अब तक उत्तम कार्यनिष्पादन का प्रदर्शन करते हुए मुनाफा कमाया है|
 
भारत सरकार के नौवहन मंत्रालय के साथ संपन्न समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत एससीआई के वार्षिक कार्यनिष्पादन को निरंतर 12 बार "उत्कृष्ट'' रेटिंग मिली है, जो कि एक कीर्तिमान है|
 
भारत सरकार ने एससीआई के उत्कृष्ट कार्यनिष्पादन को देखते हुए उसे "मिनी रत्न'' सम्मान से नवाजा है, जिसके चलते एससीआई के निदेशक मंडल को पूँजी निवेश, संयुक्त उद्यम, नये कार्यालय खोलना आदि जैसे क्षेत्रों में व्यापक प्रत्यायोजित अधिकार प्राप्त हो गये हैं|
 
एससीआई की इस निरंतर लाभप्रदता का श्रेय एससीआई मैनेजमेंट की नवोन्मेषी तथा सामयिक रणनीतियों को जाता है जिनके अंतर्गत एससीआई मैनेजमेंट ने अपने जहाजों का इष्टतम उपयोग करते हुए उन्हें मुनाफा कमाने वाले क्षेत्रों में नियोजित किया और विशिष्ट नौवहन बाजार में अपनी नई सेवाएं प्रारंभ की तथा कंपनी में मूल्य विध्वंसक तत्वों और गैर-निष्पादन अस्तियों की पहचान कर उनका त्वरित निपटान किया.  एससीआई ने नौवहन बाजार में विशिष्ट नौवहन परिचालकों के साथ महत्वपूर्ण गठबंधन कर कारगो उपलब्धता बढ़ाने एवं प्रशासनिक खर्चों में कमी करने जैसे व्यावहारिक उपाय अपनाए और कारोबार को एक नई गति प्रदान की|
 
एससीआई को इस बात का गर्व है कि वह एक जिम्मेदार एवं सामाजिक रुप से प्रतिबद्ध कंपनी है जिसके लिए मानव जीवन, जहाजों, कार्गो की रक्षा तथा उस पर्यावरण, जिसमें उसके जहाज सदैव गतिशील रहते हैं, की सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है और इसलिए आज एससीआई जहाज परिचालन के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता एवं सुरक्षा के प्रति एक जागरुक संगठन है|
 
इसमें कोई अचरज की बात नहीं है कि,एससीआई को विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने ग्राहक संतुष्टि, परिचालन कार्य-कुशलता, मानव संसाधन प्रशिक्षण, आपातकालीन तैयारियां जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए विभिन्न पुरस्कारों एवं प्रशस्तिपत्रों से नवाज़ा गया है|
 
विशेषज्ञता तथा कोर सक्षमता के वैश्विक चलन के साथ कंधे से कंधा मिलाते हुए एससीआई ने भविष्य के लिए एक निश्चित एवं पुख्ता मार्ग तैयार कर लिया है.  ऊर्जा परिवहन के साथ उदीयमान एलएनजी परिवहन एवं कंटेनर परिवहन जैसे विकास और विविधीकरण के क्षेत्रों को अभिज्ञात कर उनके विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है. इन क्षेत्रों में एससीआई के सूत्रपात को प्रत्यक्ष पूँजी निवेशी की आवश्यकता पड़ेगी अथवा उसे नौवहन बाजार में विशिष्ट कंपनियों के साथ रणनीतिक गठबंधन करने पड़ेंगे|
 
वैश्विक निविदा प्रक्रिया के जरिए दो भारतीय एलएनजी परिवहन अनुबंधों की संविदाएँ हासिल कर एससीआई ने एलएनजी जैसे विशेषज्ञता एवं उच्च तकनीकी क्षेत्र में भारत की उपस्थिति दर्ज करवा दी है.एलएनजी परिवहन की इन संविदाओं ने एससीआई को विश्व में एक प्रमुख एलएनजी परिवहनकर्ता के रुप में स्थापित करने में पहल कर दी है और इसका सुप्रभाव भविष्य में दिखाई देगा|
 
एससीआई में विश्वस्तरीय अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग कंपनी के सभी गुण मौजूद हैं. मैनेजमेंट का यह एक प्रयास है कि वह कंपनी में छुपी अनंत ऊर्जा एवं पहलकारी शक्ति को एकसूत्र में पिरोकर कंपनी एवं राष्ट्र के विकास एवं समृद्धि में अपना सक्रिय योगदान दे|