• Visitors:
  • Shipping Corporation of India
  • |
  • 22 May  Shipping Corporation of India
Shipping Corporation of India
  • Home
  • /
  • SCI Hindi
  • /
  • Profile Hindi
  • /
  • About SCI
  • /
  • Mission, Vision and Objectives hindi

विज़न, मिशन और उद्देश्य

विज़न :
भारतीय और वैश्विक व्यापार उद्योगों को सेवा प्रदान करने हुए मेरीटाइम लॉजिस्टिक्स, तटदूर, पोर्ट और टर्मिनल मैनेजमेंट के क्षेत्र में प्रेरणादायक कार्यनिष्पादकों की एक टीम के रुप में उभरना.
 
मिशन :
देश की एक प्रमुख समुद्री जहाज कंपनी के रूप में भारत के समुद्रपारीय और तटीय समुद्री व्यापार में अपनी सेवाएँ प्रदान करना तथा वैश्विक समुद्री परिवहन एवं संभारतंत्र के क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण कंपनी बनना, जिसका ध्यान निम्नलिखित पर केंद्रित होगा :-
  • भारतीय नौवहन के क्षेत्र में अपने ''सर्वोपरि'' स्थान को कायम रखना.
  • ऊर्जा से संबंधित, ड्राय बल्क और विशिष्ट प्रकृतिवाले कंटेनर शिपिंग बाजार में एक बड़ी विश्वस्तरीय कंपनी के रुप में स्थापित होना.
  • समुद्री परिवहन और उससे जुड़े उद्योगों में पैदा होने वाले अवसरों का लाभ उठाने के लिए भरोसेमंद और किफायती व्यावसायिक मॉडल विकसित करना.
  • गुणवत्ता, व्यावसायिक स्वास्थ्य, संरक्षा एवं पर्यावरणीय प्रबन्धन प्रणालियों में उत्कृष्टता हासिल करना.
उद्देश्य :
भारतीय नौवहन निगम लिमिटेड अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए निम्नानुसार कर्तव्यबद्ध है :-
  • अपने नौग्राहकों को सुरक्षित, पर्यावरण की दृष्टि से धारणीय, भरोसेमंद, कुशल और किफायती नौवहन सेवाएँ प्रदान करना, जो सभी विधिक एवं अन्य अपेक्षाओं को पूरा करती हों.
  • इष्टतम रूप से एक लाभकारी, सक्षम, नैतिकता का पालन करने वाली और सामाजिक रूप से एक जिम्मेदार वाणिज्यिक संगठन बनना तथा पूँजी पर समुचित प्रतिलाभ सुनिश्चित कर राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान करना और राष्ट्र की जरूरतों के लिए सेवाएँ प्रदान करना.
  • लीज़िंग, डिमाइज़ चार्टर, संयुक्त उद्यम और अन्य नवोन्मेषी वित्तीय उपायों के विकल्प के वैश्विक समुद्री व्यापार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त संख्या में, बेहतर डिजाइनवाले, कार्यक्षम नौबेड़े को स्वामित्व आधार पर खरीदना अथवा अधिग्रहण करना.
  • भारत की तटदूर तथा अन्य समुद्री गतिविधियों में एक बड़ी कंपनी बनना और कंपनी के समग्र एवं सतत विकास के लिए विविधीकरण के अवसरों का पता लगाते रहना.
  • प्रभावशाली और गतिशील मानव संसाधन प्रबंधन के जरिए अपने नौबेड़े एवं तटीय कार्मिक के बीच सक्षमता और व्यावसायिकता को बढ़ाना.
  • ई-गवर्नेन्स सहित विभिन्न उपायों को अपनाते हुए तथा सूचना प्रौद्योगिकी के इष्टतम उपयोग के द्वारा प्रोसेस एवं तकनीक में अपनी कार्यक्षमता को निरंतर बढ़ाते रहना.
  • संरक्षा, स्वास्थ्य एवं पर्यावरणीय कार्यनिष्पादन प्राप्त करने के लिए जोखिमों और पर्यावरणीय प्रभावों को न्यूनतम रखना.