चार्टरिंग विभाग का कार्य निगम स्वरुप का कार्य है. चार्टरिंग विभाग हर तरह की जहाजों अंदर / बाहर की चार्टरिंग के लिए एस सी आई से संबंधित सभी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उत्तरदायी है. अंदर / बाहर की चार्टरिंग आवश्यकताएं संबंधित विभागों द्वारा चार्टरिंग विभाग को सूचित की जाती है. तदनुसार विभाग साप्ताहिक ब्रोकर बैठकों या सप्ताह के किसी अन्य दिन (तात्कालिकता पर निर्भर) निर्धारित चार्टरिंग प्रक्रियाओं के अनुसार बाजार में आवश्यकताओं के लिए प्रवेश करता है. तत्पश्चात मोल तोल करने वाले अधिकारी मोल तोल करते हैं और व्यवसाय को अंतिम रुप देते हैं|
व्यवसाय या जहाजें दलाली चैनलों या कभी - कभी सीेधे मालिकों या चार्टर्ररों के माध्यम से सामान्यत: निर्धारित किए जाते हैं. एक बार व्यवसाय या जहाज पूर्ण रुप से निर्धारित होने पर सभी आवश्यक प्रलेखन निर्धारित चार्टरिंग प्रक्रियाओं के अनुसार किया जाता है. चार्टर पक्षकार आहरित किए जाते हैं और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को भेजे जाते हैं|
उपर्युक्त के अलावा चार्टरिंग विभाग निम्न कार्य भी करता है :
• दैनिक / मासिक रिपोर्टो के माध्यम से प्रबंधन को बाजार सूचना उपलब्ध कराना|
• विभाग द्वारा अंतिम रुप दिए गए अंदर / बाहर के चार्टरिंग फिक्सचरों पर मासिक रिपोर्ट तैयार करना|
• सी / पी पर हस्ताक्षर होने के बाद दलाली के कमीशन के भुगतान के लिए डेबिट नोट तैयार करना और उनको संसाधित करना|
• नामिका में दर्ज दलालों के साथ साप्ताहिक बैठकें करना|
• आवधिक आधार पर दलालों के निष्पादन की समीक्षा|
ग्राहक चार्टर पक्षकार प्रावधानों के अनुसार जहाजों के सहज प्रचालन और अधिकतम उपयोग की आशा करते हैं. ग्राहकों को सर्वोत्तम सेवाएं देने के लिए संबंधित प्रचालन विभाग (तकनीकी एवं वाणिज्यिक) जहाजों / विभिन्न एजेंसियों / ग्राहकों के साथ लगातार संपर्क में रहते हैं ताकि ग्राहकों की आशाओं और सी / पी के प्रावधानों के अनुसार प्रचालन निष्पादित किए जा सकें|
किसी प्रकार के मतभेद के मामले में उसे आपसी समझ-बूझ से हल करने का प्रयास किया जाता है. हालांकि, जब आपसी समझ-बूझ से मतभेद हल न किए जा सकें तो उसे विवाचन के संबंध में चार्टर पक्षकार प्रावधानों के अनुसार विवाचक को भेजा जाता है|