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  • 20 Oct  Shipping Corporation of India
Shipping Corporation of India

भारतीय उपमहाद्वीप यूरोप सेवा (आईएसईएस)

पहले की व्यवस्था नुसार, जिसे मई 2009 के अंत में (लदान करना) समाप्त कर दिया गया, यूके- काँटिनेंट सेल्युलर कंटेनर सर्विस जो 5 भागीदारों अर्थात् एससीआई, ताईवान की यांग मिंग लाइन (YML), इजराईल की जिम लाइन, जापान की के-लाइन तथा मलेशिया की एमआईएससी लाइनर द्वारा प्रचालित की जा रही थी, जिसमें 49 दिनों के राउंड वॉएज की अवधि की 2650 3400 टीईयू क्षमता के रेंज के 7 जहाज थे|
 
एससीआई के स्वामित्व के 3400 टीईयू (4400 टीईयू साधारण) क्षमता के दो कंटेनर जहाज नियोजित है, जिनकी सुपुर्दगी अक्तूबर 2008 में ली थी और मालिक के मेरिट पर आधारित एससीआई का औसत साप्ताहिक आबंटन प्रति जहाज लगभग 1000 टीईयू है|
 
इस सेवा का पोर्ट रोटेशन इस प्रकार है:कोलम्बो/न्हावा शेवा /(जेएनपी),मुंद्रा (एससीआई जहाज)/पोर्ट सेड/बार्सीलोना/फेलिक्सटो/रोटरडॅम/हैंबर्ग/जीनेवा(एससीआई जहाज)/पोर्ट सेड/कोलम्बो|
 
दो भागीदार, मेसर्स एमआईएससी और झिम ने दिसम्बर 2008 में इस सेवा से अलग होने की नोटिस दी और उपर बताए गए नुसार क्रमश: मार्च 2009 और मई 2009 से अलग हो गए.  अन्य दो भागीदार, मेसर्स के-लाइन और वाईएमएल ने भी मार्च 2009 में भागीदारी वापस लेने की नोटिस दी.  तथापि, इन दो लाइन ने मई 2009 के अंत तक लदान की व्यवस्था जारी रखी|
 
इसी बीच, एससीआई ने 17.05.2009 से `एससीआई-एमएससी' नामक नया संघ मेसर्स मेडिटेरियन  शिपिंग लाइन को लेकर बनाया. `एससीआई-एमएससी' संघ ने नई आईएसई सेवा 2750 से 3500 टीईयू क्षमता के रेंज के सात जहाजों को लेकर परिचालित की.  एससीआई ने इसे स्वामित्व वाले दो जहाज और दो चार्टड जहाज नियोजित किए, जबकि एमएससी ने 3 जहाज अक्तूबर 2009 तक बहाल किए.  तत्पश्चात, एससीआई ने दो स्वामित्व के जहाज नियोजित किए और एक चार्टड जहाज नियोजित किया तथा एमएससी ने चार जहाज नियोजित किए|
 
इस सेवा के लिए पोर्ट रोटेशन इस प्रकार है :
 
कोलम्बो/जेएनपी/मुंद्रा/सालालाह/पोटसेड/बार्सीलोना/हैंम्बर्ग/रोडरडेम/फेलिक्स्टो/पोर्ट सेड/जेद्दाह/ कोलम्बो|
 
इस सेवा में प्रत्येक भागीदार के लिए आबंटन कुल उपलब्ध स्थान के 50:50 आधार पर है जो प्रति जहाज लगभग 1650 टीईयू है|