एसबी ऐंड सी विभाग विभिन्न संगठनों के उनके ''टनभार अधिग्रहण कार्यक्रम'' के लिए ''तकनीकी परामर्श सहायता भी उपलब्ध कराता है. इन संगठनों में शामिल हैं, अंडमान और निकोबार प्रशासन, लक्षद्वीप संघ क्षेत्र, भारतीय भू गर्भ सर्वेक्षण, लाइट हाउस एवं लाइट शिप महानिदेशालय, भारत सरकार का समुद्री विकास विभाग|
नव निर्मित जहाजों को दी गई परामर्श सहायता में निम्न शामिल है :
1. परियोजना व्यवहार्यता एवं संभाव्यता : बाजार का अध्ययन, सांविधिक अनुमोदन प्राप्त करना और अंतरराष्ट्रीय निविदा प्रक्रियाओं के माध्यम से जहाज निर्माण यार्डो का चयन|
2. डिजाइन परामर्श: तकनीकी विनिर्देशन तैयार करना, प्रारंभिक जी ए योजना, प्रारंभिक मशीनरी रेखाचित्र योजना और प्रारंभिक आवास रेखाचित्र योजना|
3. परियोजना प्रबंधन: जहाज निर्माण संविदा तैयार करना, निर्माण के दौरान वित्त पोषण की निगरानी करना, डिलिवरी शिष्टाचार और संबंधित दस्तावेज तथा डिलिवरी के पश्चात और गारंटी के मामले|
4. स्थल पर्यवेक्षण: योजना का अनुमोदन, यार्ड में जहाज निर्माण का पर्यवेक्षण, परीक्षण एवं ट्रायल का पर्यवेक्षण, जहाजों की डिलिवरी और स्वीकार्यता|
पुरानी जहाजों के अधिग्रहण के लिए प्रदान की गई परामर्श सेवा में निम्न शामिल है :
जहाजों के प्रकार और आकार का पता लगाना, ऑफर प्राप्त करना और उनका मूल्यांकन करना, श्रेणी अभिलेेखों का निरीक्षण, जहाजों का वास्तविक निरीक्षण, मालिकों / सरकारी अनुमोदन के लिए विशेष प्रस्ताव संसाधित करना और जहाजों की डिलिवरी आदि लेना|
ग्राहक एस सी आई से विश्व श्रेणी की सेवा की आशा कर सकते हैं, उपलब्ध अद्यतन प्रौद्योगिकी का उपयोग और नौवहन उद्योग में विशेषज्ञों सहित व्यापक मेधावी व्यक्ति है|